फसल क्लस्टर विकास कार्यक्रम
फसल क्लस्टर विकास कार्यक्रम हरियाणा में किसान उत्पादक संगठनों के लिए वित्तीय सहायता के माध्यम से बागवानी विकास का समर्थन करता है।
मुख्य तथ्य
| लाभ | सहायता योग्य परियोजना लागत का 70% से 90% तक होती है। |
|---|---|
| कौन | हरियाणा में कंपनियों के अधिनियम के तहत पंजीकृत किसान उत्पादक संगठन (FPOs)। |
| कार्यान्वयन द्वारा | अरुणाचल प्रदेश की राज्य सरकार। |
| आवेदन की अवधि | योग्य FPOs के लिए आवेदन करने के लिए पूरे वर्ष खुला |
लाभ
लाभार्थियों को योग्य परियोजना लागत के 70% से 90% तक की वित्तीय सहायता मिलती है, जिससे उनकी आय और बाजार पहुंच में सुधार होता है। कार्यक्रम स्थायी कृषि प्रथाओं और ग्रामीण रोजगार को भी बढ़ावा देता है।
कौन आवेदन कर सकता है
- के लिए: farmer
- हरियाणा के निवासी
- not income tax payer
- no government employee in family
- poor household
योग्यता केवल उन किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) तक सीमित है जो हरियाणा में कंपनियों के अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं। FPOs के पास कम से कम 150 शेयरधारक और उनके बैंक खाते में न्यूनतम वित्तीय शक्ति ₹10 लाख होनी चाहिए।
कौन पात्र नहीं है
- FPOs द्वारा प्रस्तावित नहीं की गई परियोजनाएँ
- 150 से कम शेयरधारक वाले FPOs
- अपर्याप्त वित्तीय शक्ति वाले FPOs
- विवादित स्थिति वाले FPOs
आवेदन कैसे करें
रुचि रखने वाले FPOs को आवश्यक दस्तावेजों के साथ एक परियोजना प्रस्ताव तैयार करके संबंधित प्राधिकरण को प्रस्तुत करना होगा।
- निर्देशों के अनुसार एक व्यापक परियोजना प्रस्ताव तैयार करें।
- परियोजना प्रस्ताव फॉर्म और FPO पंजीकरण प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज एकत्र करें।
- परियोजना प्रस्ताव और दस्तावेजों को संबंधित प्राधिकरण को प्रस्तुत करें।
- आवेदन की व्यवहार्यता और योग्यता की समीक्षा के लिए प्रतीक्षा करें।
- यदि प्रस्ताव मानदंडों को पूरा करता है तो स्वीकृति और सहायता आवंटन प्राप्त करें।
- स्वीकृत प्रस्ताव के दिशानिर्देशों के अनुसार परियोजना को लागू करें।
- परियोजना की निगरानी करें और आवश्यकतानुसार प्रगति की रिपोर्ट करें।
आवश्यक दस्तावेज़
- Completed project proposal form
- Registration certificate of the FPO under the Companies Act
- List of Directors and applicants of the FPO
- Business plan with backward and forward linkages of the produce
- Financial statements and bank account details of the FPO
- Land ownership or lease documents
- Any other documents specified in the application guidelines
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
CCDP का उद्देश्य क्या है?
CCDP का उद्देश्य स्थायी कृषि को बढ़ावा देना, किसानों के लिए सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा में सुधार करना और बागवानी उत्पादों के संगठित विपणन को बढ़ावा देना है।
CCDP के तहत सहायता के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
केवल किसान उत्पादक संगठन (FPOs) जो हरियाणा में कंपनियों के अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं, सहायता के लिए आवेदन करने के योग्य हैं।
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं?
आवश्यक दस्तावेजों में पूरा किया हुआ परियोजना प्रस्ताव फॉर्म, FPO पंजीकरण प्रमाण पत्र, व्यवसाय योजना, वित्तीय विवरण और भूमि स्वामित्व दस्तावेज शामिल हैं।
योजना के तहत प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता क्या है?
कार्यक्रम स्वीकृत प्रस्तावों के लिए योग्य परियोजना लागत के 70% से 90% तक की वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
आवेदन की समीक्षा कैसे की जाती है?
प्रस्तुत परियोजना प्रस्ताव की समीक्षा की जाती है ताकि इसकी व्यवहार्यता, उद्देश्यों के साथ संरेखण और योग्यता मानदंडों के पालन का आकलन किया जा सके।
आवेदन से पहले हमेशा आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम विवरण की पुष्टि करें।
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